अमेरिकी अदालत का ट्रंप प्रशासन को बड़ा झटका, 8,400 से अधिक प्रवासियों को राहत
- By Gaurav --
- Monday, 26 Jan, 2026
US court gives major blow to Trump administration, relie
संयुक्त राज्य अमेरिका में एक फेडरल जज ने ट्रंप प्रशासन को बड़ा झटका देते हुए 8,400 से अधिक प्रवासियों और उनके परिवारों को राहत दी है। अदालत ने उन प्रयासों पर रोक लगा दी है, जिनके तहत प्रशासन इन लोगों की कानूनी स्थिति समाप्त करने की तैयारी कर रहा था।
किस जज ने दिया आदेश?
बोस्टन स्थित अमेरिकी जिला जज इंदिरा तलवानी ने शनिवार देर रात प्रारंभिक निषेधाज्ञा (Preliminary Injunction) जारी की। इस आदेश के तहत गृह सुरक्षा विभाग (DHS) को सात लैटिन अमेरिकी देशों से आए हजारों लोगों की मानवीय पैरोल (Humanitarian Parole) समाप्त करने से रोक दिया गया है।
किन देशों के लोगों को मिली राहत?
इस फैसले से जिन देशों के नागरिकों को राहत मिली है, उनमें शामिल हैं—
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क्यूबा
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हैती
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कोलंबिया
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इक्वाडोर
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अल सल्वाडोर
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ग्वाटेमाला
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होंडुरास
ये सभी लोग अमेरिका में अमेरिकी नागरिकों या ग्रीन कार्ड धारकों के परिवार के सदस्य हैं।
कैसे पहुंचे थे अमेरिका?
इन प्रवासियों को फैमिली रीयूनिफिकेशन पैरोल प्रोग्राम के तहत अमेरिका आने की अनुमति दी गई थी।
यह कार्यक्रम जो बाइडेन के कार्यकाल में शुरू या आधुनिक किया गया था, जिसके तहत अमेरिकी नागरिक या वैध स्थायी निवासी (ग्रीन कार्ड धारक) अपने परिवार के सदस्यों को तब तक अमेरिका में रहने की अनुमति दिला सकते थे, जब तक उनका आव्रजन वीजा उपलब्ध न हो जाए।
ट्रंप प्रशासन क्यों खत्म करना चाहता था कार्यक्रम?
डोनाल्ड ट्रंप के राष्ट्रपति बनने के बाद उनके प्रशासन ने आव्रजन नियमों को और सख्त किया।
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सितंबर 2029 तक आव्रजन एजेंसियों के लिए 170 अरब डॉलर का रिकॉर्ड बजट आवंटित किया गया।
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DHS ने 12 दिसंबर को कहा था कि ये कार्यक्रम ट्रंप प्रशासन की आव्रजन नीति के अनुरूप नहीं हैं।
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विभाग का दावा था कि इन योजनाओं का दुरुपयोग हो रहा है और इनके जरिए “कम जांच-पड़ताल वाले विदेशी” पारंपरिक पैरोल प्रक्रिया से बच रहे हैं।
इसी आधार पर प्रशासन इन कार्यक्रमों को समाप्त करना चाहता था।
अदालत ने क्या कहा?
जज इंदिरा तलवानी ने कहा कि कार्यक्रम को अचानक खत्म करने से हजारों परिवारों को गंभीर नुकसान हो सकता है।
हालांकि यह समाप्ति 14 जनवरी से लागू होनी थी, लेकिन अदालत ने पहले 14 दिनों के लिए अस्थायी रोक (Temporary Restraining Order) लगा दी है, ताकि मामले में दीर्घकालिक निषेधाज्ञा पर विस्तार से विचार किया जा सके।
इस फैसले का क्या मतलब?
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फिलहाल 8,400 से अधिक लोग अमेरिका में कानूनी रूप से रह सकेंगे
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ट्रंप प्रशासन इन्हें तुरंत देश से बाहर नहीं कर सकता
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अंतिम फैसला यह तय करेगा कि ये मानवीय पैरोल कार्यक्रम आगे जारी रहेंगे या नहीं
यह मामला अमेरिका में आव्रजन नीति, मानवीय राहत और पारिवारिक एकता को लेकर चल रही बड़ी राजनीतिक और कानूनी लड़ाई का अहम हिस्सा माना जा रहा है।